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Showing posts from October, 2018

हिंदुत्व के खिलाफ जेहादी योजना

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#हिंदुत्व_के_खिलाफ_जिहादी_योजना ▪⚛▪⚛▪⚛▪⚛▪⚛▪⚛▪⚛▪⚛▪⚛▪⚛▪⚛▪⚛▪ ⚛ जिहाद इस्लाम का अनिवार्य कर्तव्य है ,जिसका उद्देश्य पूरे विश्व से गैर मुस्लिमों का सफाया करके इस्लामी खिलाफत कायम करना है , चूँकि मुसलमानों की नजर में इस समय काफिरों की सरकार है , इसलिए मुसलमान उसे गिराने की योजना बना रहे हैं , इसके लिए वह हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं , इसके बारे में दिनांक 31 जुलाई 2014 को " जिहादियों के नए हथकंडे " शीर्षक से एक लेख भी प्रकाशित किया गया था , यद्यपि जिहादी भारत के विरुद्ध आतंकी योजना अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बना रहे हैं , लेकिन इस बात तय है कि जब भी भारत के खिलाफ जिहाद होगा तो यहाँ के मुसलमान उनके साथ हो जायेंगे . अभी तो यहाँ के मुसलमान विभिन्न अपराध करके देश में अस्थिरता का माहौल बना रहे हैं और जब पूरे देश में अफरा तफरी फ़ैल जाएगी तो बाहरी जिहादी देश में घुस जायेंगे , मुसलमानों की इस जिहादी योजना का पर्दाफाश " अनिमेष राउल " ने किया है जो " Executive Director of Research at the New Delhi-based Society for the Study of Peace and Conflict (SSPC " हैं .जिसका पू

लंकापति रावण

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#रावण_की_बुराई_बहुत_पढ़ी_है_उसकी_कुछ_अच्छाइया_भी_पढ़िए ❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣❣ आज से वर्ष 7129 वर्ष पूर्व हुए थे भगवान राम अर्थात उनका जन्म 5,114 ईस्वी पूर्व हुआ था। उन्हीं के काल में हुआ था दशानन रावण। राम तो बहुत मिल जाएंगे, लेकिन रावण नाम का दूसरा कोई नहीं मिलेगा। रावण एक कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और वास्तुकला का मर्मज्ञ होने के साथ-साथ बहु-विद्याओं का जानकार था। उसे मायावी इसलिए कहा जाता था कि वह इंद्रजाल, तंत्र, सम्मोहन और तरह-तरह के जादू जानता था। उसके पास एक ऐसा विमान था, जो अन्य किसी के पास नहीं था। इन सभी के कारण सभी उससे भयभीत रहते थे। ब्रह्माजी के पुत्र पुलस्त्य ऋषि हुए। उनका पुत्र विश्रवा हुआ। विश्रवा की पहली पत्नी भारद्वाज की पुत्री देवांगना थी जिसका पुत्र कुबेर था। विश्रवा की दूसरी पत्नी दैत्यराज सुमाली की पुत्री कैकसी थी जिसकी संतानें रावण, कुंभकर्ण और विभीषण थीं। जैन शास्त्रों में रावण को प्रति‍-नारायण माना गया है। जैन धर्म के 64 शलाका पुरुषों में रावण की गिनती की जाती है। रावण के बारे में वाल्मीकि रामायण के अलावा पद्मपुराण, श्रीमद्भागवत पुराण, कूर्मपुर

कृष्णम_वन्दे_जगतगुरु

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#कृष्णम_वन्दे_जगतगुरु "कृष्णम वन्दे जगतगुरु" आखिर क्यों कहा जाता है कृष्ण को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ गुरु? "वासुदेव सुतं देवम कंस चाणूर मर्दनम्, देवकी परमानन्दं कृष्णम वन्दे जगतगुरु" अर्थात वासुदेव जी के पुत्र देवो के देव कंस और चाणूर को मारने वाले, देवकी को अपार आनंद देने वाले श्री कृष्ण आप इस विश्व के सबसे बड़े और श्रेष्ठ गुरु हो. अर्जुन द्वारा की गई कृष्ण की ये स्तुति बेहद खास है. लेकिन क्या आपको पता है की श्री कृष्ण को दुनिया का गुरु या दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गुरु क्यों कहा जाता है? उसका मुख्य कारण ये है की उन्होंने अपने कर्मो से ऐसे उदहारण पेश किये जो की हर एक के लिए प्रेरणा दाई है, साथ ही अर्जुन के जरिये उन्होंने गीता के जरिये पूरी दुनिया को जो सन्देश दिया था जिसे अपना के करोडो लोग जन्म मरणं के बंधन से मुक्त हो चुके है वो भी एक कारण है. " "वासुदेव सुतं देवम कंस चाणूर मर्दनम्, देवकी परमानन्दं कृष्णम वन्दे जगतगुरु" अर्थात वासुदेव जी के पुत्र देवो के देव कंस और चाणूर को मारने वाले, देवकी को अपार..." महाभारत का युद्ध आरम्भ होने से ठीक पहले अर्

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Narsha adha : https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1876816962437925&id=100003289197503 Amit mishra : https://www.facebook.com/1Gautam1 अस्माकं गुरुकुलम : https://www.facebook.com/asmakamgurukulam रिया हिन्दू : https://www.facebook.com/r.r.395669   Santosh kumar shukla https://www.facebook.com/ksantosh.shukla.9

यौन अपराध इस्लाम की देन

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यौन अपराध इस्लाम की देन 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 ~बलात्कार का आरंभ~ मुझे पता है 90 % बिना पढ़े ही निकल लेंगे😢 आखिर भारत जैसे देवियों को पूजने वाले देश में बलात्कार की गन्दी मानसिकता कहाँ से आयी ~~ आखिर क्या बात है कि जब प्राचीन भारत के रामायण, महाभारत आदि लगभग सभी हिन्दू-ग्रंथ के उल्लेखों में अनेकों लड़ाईयाँ लड़ी और जीती गयीं, परन्तु विजेता सेना द्वारा किसी भी स्त्री का बलात्कार होने का जिक्र नहीं है। तब आखिर ऐसा क्या हो गया ?? कि आज के आधुनिक भारत में बलात्कार रोज की सामान्य बात बन कर रह गयी है ?? ~श्री राम ने लंका पर विजय प्राप्त की पर न ही उन्होंने और न उनकी सेना ने पराजित लंका की स्त्रियों को हाथ लगाया । ~महाभारत में पांडवों की जीत हुयी लाखों की संख्या में योद्धा मारे गए। पर किसी भी पांडव सैनिक ने किसी भी कौरव सेना की विधवा स्त्रियों को हाथ तक न लगाया । अब आते हैं ईसापूर्व इतिहास में~ 220-175 ईसापूर्व में यूनान के शासक “डेमेट्रियस प्रथम” ने भारत पर आक्रमण किया। 183 ईसापूर्व के लगभग उसने पंजाब को जीतकर साकल को अपनी राजधानी बनाया और पंजाब सहित सिन्ध पर भी राज किया। लेकिन उसके पूरे समयका